प्रधानमंत्री कुसुम योजना 2026: बंजर जमीन से कमाएं लाखों, सरकार देगी 30% सब्सिडी
प्रधानमंत्री कुसुम योजना 2026 के तहत अपनी बंजर भूमि पर सोलर प्लांट लगाएं और सरकार से 30% तक सब्सिडी पाएं। जानें ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया और सालाना ₹1 लाख तक कमाने का तरीका।
भारत एक कृषि प्रधान देश है, लेकिन आज भी कई किसानों के पास ऐसी जमीनें हैं जो बंजर या अनुत्पादक होने के कारण किसी काम नहीं आ रहीं। किसानों की इसी समस्या को आय के अवसर में बदलने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री कुसुम योजना (PM-KUSUM) की शुरुआत की है।
इस योजना के माध्यम से किसान अपनी खाली पड़ी जमीन पर सौर ऊर्जा संयंत्र (Solar Power Plant) स्थापित कर सकते हैं। इससे न केवल उन्हें खेती के लिए मुफ्त बिजली मिलेगी, बल्कि अतिरिक्त बिजली बेचकर वे अच्छी खासी कमाई भी कर सकेंगे।
प्रधानमंत्री कुसुम योजना क्या है? (PM Kusum Yojana Overview)
प्रधानमंत्री कुसुम योजना का पूरा नाम “प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान” है। इसे नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा संचालित किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक इसके माध्यम से 34,800 मेगावाट सौर क्षमता विकसित करना है।
योजना का संक्षिप्त विवरण
| विवरण | जानकारी |
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री कुसुम योजना (PM-KUSUM) |
| मंत्रालय | नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) |
| लाभार्थी | भारतीय किसान, पंचायत और सहकारी समितियां |
| मुख्य लाभ | सोलर पंप पर सब्सिडी और बिजली बेचकर आय |
| सब्सिडी | केंद्र और राज्य सरकार द्वारा कुल 30% से 60% तक |
| आधिकारिक वेबसाइट | pmkusum.mnre.gov.in |
पीएम कुसुम योजना के मुख्य घटक (Components)
इस योजना को तीन मुख्य भागों में बांटा गया है ताकि हर वर्ग के किसान को इसका लाभ मिल सके:
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घटक ए (Component A): किसान अपनी बंजर या उपजाऊ भूमि पर 500 किलोवाट से 2 मेगावाट तक के छोटे सौर ऊर्जा संयंत्र लगा सकते हैं।
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घटक बी (Component B): उन क्षेत्रों के लिए जहाँ बिजली ग्रिड नहीं है, वहां किसानों को ‘स्टैंड-अलोन’ सौर कृषि पंप (7.5 HP तक) लगाने के लिए सहायता दी जाती है।
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घटक सी (Component C): पहले से मौजूद ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों को सौर ऊर्जा से जोड़ने (Solarization) में मदद की जाती है।
प्रधानमंत्री कुसुम योजना के बड़े लाभ
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अतिरिक्त आय का साधन: किसान सोलर प्लांट से उत्पन्न बिजली को बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) को बेचकर सालाना ₹60,000 से ₹1 लाख तक कमा सकते हैं।
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भारी सब्सिडी: सोलर पंप लगाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कुल लागत पर 30% से 60% तक की सब्सिडी प्रदान करती हैं।
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सस्ता लोन: लागत का 40% हिस्सा किसान बैंक से लोन के रूप में ले सकते हैं, जिसे चुकाने के लिए पर्याप्त समय दिया जाता है।
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डीजल के खर्च से मुक्ति: सोलर पंप आने से महंगे डीजल और जनरेटर पर निर्भरता खत्म हो जाती है।
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बंजर भूमि का उपयोग: जो जमीन खेती के लायक नहीं है, वह भी अब पैसा कमा कर देगी।
पात्रता और आवश्यक शर्तें
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नागरिकता: आवेदक भारत का स्थायी निवासी किसान होना चाहिए।
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जमीन: आवेदक के पास खुद की जमीन (बंजर, दलदली या खेती योग्य) होनी चाहिए।
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लोकेशन: सोलर प्लांट लगाने के लिए जमीन विद्युत सब-स्टेशन के 5 किलोमीटर के दायरे में होनी चाहिए।
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प्राथमिकता: उन क्षेत्रों के किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी जहाँ बिजली का कनेक्शन उपलब्ध नहीं है।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज (Documents Required)
आवेदन करते समय आपके पास निम्नलिखित दस्तावेज होने अनिवार्य हैं:
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पहचान पत्र: आधार कार्ड, वोटर आईडी या पैन कार्ड।
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भूमि संबंधी दस्तावेज: खसरा खतौनी और जमीन की नकल।
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बैंक विवरण: बैंक पासबुक की फोटोकॉपी।
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निवास प्रमाण पत्र: बिजली बिल या राशन कार्ड।
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अन्य: पासपोर्ट साइज फोटो, मोबाइल नंबर और स्व-घोषणा पत्र।
पीएम कुसुम योजना ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
योजना का लाभ लेने के लिए आपको नीचे दिए गए चरणों का पालन करना होगा:
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आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले PM KUSUM की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
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कार्यान्वयन एजेंसी चुनें: वेबसाइट पर ‘State Implementation Agencies’ के लिंक पर क्लिक करें और अपने राज्य के पोर्टल का चयन करें।
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पंजीकरण: पोर्टल पर अपना मोबाइल नंबर और आधार जानकारी दर्ज कर रजिस्ट्रेशन करें।
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विकल्प चुनें: आप खुद सोलर प्लांट लगाना चाहते हैं या अपनी जमीन पट्टे (Lease) पर देना चाहते हैं, उस विकल्प को चुनें।
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फॉर्म भरें: आवेदन फॉर्म में पूछी गई सभी जानकारी जैसे जमीन का विवरण और व्यक्तिगत जानकारी ध्यानपूर्वक भरें।
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दस्तावेज अपलोड करें: मांगे गए सभी जरूरी दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करें।
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सबमिट करें: फॉर्म की जांच करने के बाद ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें। आपको एक पंजीकरण संख्या (Registration Number) प्राप्त होगी।
संपर्क विवरण (Helpdesk)
यदि आपको आवेदन करने में कोई समस्या आती है, तो आप नीचे दिए गए विवरणों पर संपर्क कर सकते हैं:
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टोल फ्री नंबर: 1800-180-3333
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ईमेल: pmkusum-mnre@gov.in
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पता: नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, अटल अक्षय ऊर्जा भवन, सीजीओ कॉम्प्लेक्स, लोधी रोड, नई दिल्ली।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: पीएम कुसुम योजना में कितनी सब्सिडी मिलती है?
उत्तर: सामान्य क्षेत्रों में केंद्र और राज्य सरकार 30-30% (कुल 60%) तक की सब्सिडी देती हैं। पूर्वोत्तर और पहाड़ी क्षेत्रों में यह 50% से अधिक हो सकती है।
प्रश्न 2: क्या मैं अपनी जमीन किराए पर दे सकता हूँ?
उत्तर: हाँ, यदि आप खुद प्लांट नहीं लगा सकते, तो आप अपनी जमीन डेवलपर्स को पट्टे (Lease) पर देकर किराया प्राप्त कर सकते हैं।
प्रश्न 3: सोलर पंप की क्षमता कितनी होनी चाहिए?
उत्तर: सरकार 7.5 HP क्षमता तक के सोलर पंपों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री कुसुम योजना किसानों को ‘अन्नदाता’ के साथ-साथ ‘ऊर्जादाता’ बनाने की एक क्रांतिकारी पहल है। यह न केवल खेती की लागत कम करती है बल्कि पर्यावरण को भी स्वच्छ रखने में मदद करती है। यदि आपके पास भी खाली जमीन है, तो आज ही इस योजना के लिए आवेदन करें और आत्मनिर्भर किसान बनें।









